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Gita Press-Gita Sadhak Sanjivani (Shrimad Bhagvadgita) Code 006

Availability: In stock

Rs. 270.00

Quick Overview

स्वामी श्री रामसुखदास जी महाराज ने गीतोक्त जीवन की प्रयोगशाला से दीर्घकालीन अनुसंधान द्वारा अनन्त रत्नों का प्रकाश इस टीका में उतार कर लोक-कल्याणार्थ प्रस्तुत किया है। यह ग्रंथाकार संस्करण हिन्दी टीका के साथ, रगीन चित्रों सहित, मजबूत जिल्द में उपलब्ध है।

SWAMI RAMSUKHDAS
Gita Press
OR

Details

स्वामी श्री रामसुखदास जी महाराज ने गीतोक्त जीवन की प्रयोगशाला से दीर्घकालीन अनुसंधान द्वारा अनन्त रत्नों का प्रकाश इस टीका में उतार कर लोक-कल्याणार्थ प्रस्तुत किया है, जिससे आत्मकल्याणकामी साधक साधना के चरमोत्कर्ष को आसानी से प्राप्त कर आत्मलाभ कर सकें। इस टीका में स्वामी जी की व्याख्या विद्वत्ता-प्रदर्शन की न होकर सहज करुणा से साधकों की कल्याणकामी है। विविध आकार-प्रकार, भाषा, आकर्षक साज-सज्जा में उपलब्ध यह टीका सद्गुरू की तरह सच्ची मार्गदर्शिका है।

Additional Information

HSN Code 4901
Author SWAMI RAMSUKHDAS
Length 19 cm x 28 cm
Pages 1264
Binding Hardback
Publisher Gita Press
Devotional & Spiritual : Hinduism Shrimad Bhagwad Gita
SKU DASGITA06
ISBN / Product Code CODE-6

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